दालचीनी के पेड़ श्रीलंका के मूल निवासी हैं और यह मुख्य रूप से भारत में भी उगाया जाता है। इस मसाले का उपयोग एशियाई रसोई में इसके स्वाद के लिए किया जाता है। तमिलनाडु और केरल पश्चिमी घाटों में दालचीनी की फसल व्यावसायिक रूप से उगाई जाती है। दालचीनी की खेती असम और कर्नाटक की तटीय पहाड़ियों और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भी की जा रही है। एक मसाले के अलावा, इसका उपयोग इत्र, चॉकलेट, हर्बल दवाओं को बनाने में किया जाता है। दालचीनी का तेल बनाने के लिए इन पेड़ों की स्लिप और निम्न गुणवत्ता की छाल का उपयोग किया जाता है। दालचीनी के पेड़ के व्यावसायिक भाग छाल और पत्ती हैं। आइए हम जानते है की दालचीनी कैसे उगाते है?

 

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